बहुत-सी सेल्स टीमें आज भी ग्राहकों का हिसाब Excel, WhatsApp ग्रुप और किसी एक व्यक्ति की याददाश्त पर चलाती हैं। नतीजा: फ़ॉलो-अप छूट जाते हैं और किसी को पता नहीं होता कि असल में कितनी डील चल रही हैं।
Uttra से आप अपनी ज़रूरत का CRM बना सकते हैं, सिर्फ़ वही जो आपकी टीम सच में इस्तेमाल करती है। तरीक़ा यह है।
छोटे व्यवसाय के काम का CRM सैकड़ों फ़ीचर नहीं माँगता: ग्राहक, बिक्री के चरणों वाली डील और चार साफ़ आँकड़े। चैट में बताइए, नमूना डेटा से आज़माइए और उसी दिन टीम के लिए प्रकाशित कीजिए।
फ़ीचर से नहीं, अपनी बिक्री प्रक्रिया से शुरू कीजिए
लिखिए कि आपका ग्राहक किन चरणों से गुज़रता है, उन्हीं नामों के साथ जो आपकी टीम बोलती है। अपनी भाषा बोलने वाला CRM जल्दी अपनाया जाता है।
- आम चरण: नया लीड, पहली कॉल, कोटेशन भेजा, बातचीत, जीता, हारा।
- ग्राहक की जानकारी: नाम, कंपनी, फ़ोन, ईमेल, लीड कहाँ से आया और ज़िम्मेदार व्यक्ति।
- डील की जानकारी: राशि रुपये में, चरण, अनुमानित क्लोज़ तारीख़ और अगला क़दम।
- बिलिंग की ज़रूरत हो तो ग्राहक का GSTIN रखने का फ़ील्ड भी माँग लीजिए।
तीन बुनियादी स्क्रीन माँगिए
सरल CRM तीन पेज पर खड़ा होता है: चरणों का बोर्ड, सर्च वाली ग्राहक सूची और आँकड़ों का सारांश। उदाहरण:
- पाँच लोगों की सेल्स टीम के लिए CRM बनाओ। कानबन बोर्ड जिसमें नया लीड, संपर्क हुआ, कोटेशन, बातचीत, जीता और हारा के कॉलम हों और डील को खींचकर बदला जा सके। ग्राहक सूची में सर्च और ज़िम्मेदार व्यक्ति का फ़िल्टर हो। डैशबोर्ड पर खुली डील, कुल राशि, इस महीने की जीती बिक्री और कन्वर्ज़न दर हो। ईमेल से लॉगिन हो और नमूना डेटा हो।
फ़ॉलो-अप और रिमाइंडर जोड़िए
CRM की असली क़ीमत यह है कि अगली कॉल न भूलें। तारीख़ के साथ अगले क़दम का फ़ील्ड और आज व पिछड़े कामों का व्यू माँगिए।
हर बातचीत पर तारीख़ और लिखने वाले के नाम के साथ नोट हो, ताकि रिकॉर्ड किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहे।
- आज और बीत चुकी तारीख़ के फ़ॉलो-अप की सूची।
- हर ग्राहक के अंदर नोट्स का इतिहास।
- Excel या CSV से ग्राहक इम्पोर्ट करने की सुविधा, ताकि शून्य से शुरू न करना पड़े।
कौन क्या देखे, यह तय कीजिए
टीम में कई सेल्स लोग हों तो तय कीजिए कि हर कोई सिर्फ़ अपने ग्राहक देखे या सबके। शुरू में ही एडमिन और सेल्स की अलग भूमिकाएँ और लॉगिन माँगिए।
ग्राहकों का निजी डेटा सुरक्षित रखिए और पहुँच सिर्फ़ उन्हें दीजिए जिन्हें ज़रूरत है। भारत के डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण क़ानून के नियम अपने मामले में देख लीजिए।
प्रकाशित कीजिए, एक हफ़्ता चलाइए, फिर सुधारिए
प्रकाशित करके टीम से एक हफ़्ता असली ग्राहकों पर इस्तेमाल करवाइए। जो चीज़ खटके, चैट से मिनटों में ठीक हो जाती है: फ़ालतू फ़ील्ड, ग़ायब चरण या कोई रिपोर्ट।
बाद में अटकी डील पर ईमेल अलर्ट, साप्ताहिक रिपोर्ट या Excel में एक्सपोर्ट माँगा जा सकता है।