नई साइट को Google पर तुरंत जगह नहीं मिलती, क्योंकि Google को पहले उसे ढूँढना, परखना और उस पर भरोसा करना होता है। कोई भी तय समय में पहले नंबर की गारंटी नहीं दे सकता।
अच्छी बात यह है कि शुरुआती बुनियादी काम आसान हैं और आप खुद कर सकते हैं। यह गाइड उन्हीं कामों का क्रम बताती है।
नई वेबसाइट के SEO की नींव यह है: हर पेज का साफ़ शीर्षक, ग्राहक के सवाल का जवाब देने वाली सामग्री, तेज़ मोबाइल साइट और Google Search Console में पंजीकरण। नतीजों में समय लगता है, इसलिए धैर्य और निरंतरता चाहिए।
हर पेज का एक उद्देश्य
हर पेज एक ही विषय या एक ही उत्पाद के बारे में हो। शीर्षक में वह शब्द हो जो आपका ग्राहक खोजता है, और छोटा विवरण (मेटा डिस्क्रिप्शन) ऐसा लिखें कि कोई क्लिक करने को प्रेरित हो।
हेडिंग तार्किक क्रम में रखें: एक मुख्य हेडिंग और उसके नीचे उप-हेडिंग। तस्वीरों पर वर्णनात्मक टेक्स्ट (ऑल्ट टेक्स्ट) लगाएँ।
गति और मोबाइल
भारत में ज़्यादातर लोग मोबाइल से सर्च करते हैं, अक्सर सीमित डेटा या धीमे नेटवर्क पर। भारी तस्वीरें छोटी करें और ग़ैर-ज़रूरी स्क्रिप्ट न जोड़ें।
अपनी साइट फ़ोन पर खोलकर देखें: टेक्स्ट पढ़ने लायक हो, बटन आसानी से दबें और पेज खुलने में ज़्यादा देर न लगे।
- एक ही डोमेन और HTTPS इस्तेमाल करें।
- हर पेज का अलग, साफ़ URL रखें।
- टूटे हुए लिंक न छोड़ें।
Google को साइट दिखाएँ
Google Search Console में अपनी साइट जोड़ें और साइटमैप जमा करें। वहाँ आप देख सकते हैं कि कौन से पेज इंडेक्स हुए और लोग किन शब्दों से आप तक पहुँचे।
अगर आपका कारोबार किसी शहर में है तो Google Business Profile बनाएँ और नाम, पता व फ़ोन साइट से मेल खाते रखें।
उपयोगी सामग्री और लिंक
ऐसे सवालों के जवाब लिखें जो ग्राहक सच में पूछते हैं। छोटे, सच्चे और स्थानीय हालात के अनुसार लेख प्रचार वाली भाषा से ज़्यादा काम आते हैं। दूसरी साइटों से लिंक खरीदने की कोशिश न करें, यह उल्टा नुकसान दे सकता है।
Uttra में आप लिख सकते हैं: “मेरी साइट के हर पेज का शीर्षक और मेटा डिस्क्रिप्शन हिंदी में बेहतर करो और साइटमैप बनाओ।” नतीजा प्रीव्यू में देखकर प्रकाशित करें।