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मार्केटिंग और विज़िबिलिटी5 मिनट पढ़ें

अपने छोटे बिज़नेस के लिए ईमेल मार्केटिंग कैसे शुरू करें?

सहमति के साथ ईमेल लिस्ट बनाना, वेलकम ईमेल भेजना और त्योहारी सीज़न के हिसाब से सरल भेजने का शेड्यूल बनाना, कदम दर कदम।

भारत में ज़्यादातर छोटे बिज़नेस इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक और व्हाट्सऐप पर चलते हैं, लेकिन वहाँ पहुँच कभी भी बदल सकती है। ईमेल लिस्ट आपकी अपनी होती है और दिवाली, रक्षाबंधन या शादी के सीज़न में पुराने ग्राहकों को वापस बुलाने का सस्ता तरीका है।

इसके लिए ढेर सारे टूल नहीं चाहिए। बस पते जमा करने की जगह, यह वादा कि लोगों को क्या मिलेगा, और ऐसी रफ़्तार जिसे आप छह महीने निभा सकें।

अपनी साइट पर एक साइनअप फ़ॉर्म, एक वेलकम ईमेल और भेजने का एक तय दिन रखें। सहमति से बनी छोटी लिस्ट, ख़रीदी हुई बड़ी लिस्ट से कहीं बेहतर होती है।

सहमति के साथ ईमेल जमा करें

ख़रीदी हुई लिस्ट कभी इस्तेमाल न करें, और उन ग्राहकों को भी लिस्ट में न जोड़ें जिन्होंने सिर्फ़ इनवॉइस के लिए ईमेल दिया था। भारत का डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन क़ानून भी साफ़ सहमति की अपेक्षा रखता है, इसलिए लोग अपनी मर्ज़ी से जुड़ें।

जहाँ लोग पहले से रुचि दिखाते हैं वहाँ छोटा फ़ॉर्म रखें और साफ़ लिखें कि क्या मिलेगा और कितनी बार। सहमति का बॉक्स ख़ाली रखें और प्राइवेसी पेज का लिंक दें।

  • हर पेज के फ़ुटर में ईमेल फ़ील्ड और एक वाक्य कि क्या मिलेगा।
  • ऑर्डर या बुकिंग फ़ॉर्म में वैकल्पिक न्यूज़लेटर बॉक्स, जो पहले से टिक न हो।
  • आपके बिज़नेस से जुड़ा छोटा तोहफ़ा, जैसे गाइड, सैंपल या सेल की पहले से ख़बर।

Uttra में फ़ॉर्म बनाएँ

चैट में सीधे लिखें, जैसे: फ़ुटर के ऊपर न्यूज़लेटर सेक्शन बनाओ जिसमें ईमेल फ़ील्ड, सहमति का चेकबॉक्स और धन्यवाद संदेश हो, हिंदी और अंग्रेज़ी में। फिर लाइव प्रीव्यू में देखें और शब्द ठीक करें।

पब्लिश करें और फ़ॉर्म को अपनी पसंद की ईमेल सेवा से जोड़ दें ताकि नए पते एक ही लिस्ट में आएँ।

पहले तीन ईमेल तैयार रखें

शुरुआत में ही मासिक प्रमोशन न भेजें। एक छोटी सीरीज़ बनाएँ जो अपने आप चलती रहे:

  • वेलकम ईमेल, तुरंत: आप कौन हैं, आगे क्या मिलेगा, और एक काम का लिंक।
  • तीसरे दिन: आपकी सबसे उपयोगी सलाह या सबसे ज़्यादा बिकने वाली चीज़ की कहानी।
  • सातवें दिन: हल्का-सा ऑफ़र या सवाल पूछने का न्योता।

रफ़्तार रखें और सादा माप करें

एक दिन चुनें, जैसे गुरुवार, और शुरू में हर दो हफ़्ते में भेजें। निरंतरता, संख्या से ज़्यादा मायने रखती है। दिवाली, होली, रक्षाबंधन और शादी के सीज़न के लिए पहले से सूचना दें ताकि ऑफ़र अचानक न लगे।

सिर्फ़ तीन चीज़ें देखें: ईमेल खुलने की दर, क्लिक और अनसब्सक्राइब। अगर अनसब्सक्राइब अचानक बढ़ें तो समझें कि सब्जेक्ट लाइन कंटेंट से ज़्यादा वादा कर रही है।

व्हाट्सऐप भी साथ रखें: तुरंत जवाब और ऑर्डर की पुष्टि वहाँ अच्छी रहती है, जबकि लंबी गाइड और बिल ईमेल में।

आम सवाल

कोई नहीं। पहले सब्सक्राइबर को ही वेलकम ईमेल भेज दें। रुचि रखने वाले पचास लोग अक्सर हज़ारों अनजान पतों से बेहतर नतीजा देते हैं।

व्हाट्सऐप तुरंत बातचीत के लिए बढ़िया है, पर उन्हीं लोगों के लिए जिन्होंने वहाँ संपर्क माँगा हो। ईमेल लंबे कंटेंट, बिल और गाइड के लिए बेहतर है। कई बिज़नेस दोनों इस्तेमाल करते हैं।

शुरू में हर दो हफ़्ते में एक। जब आपके पास सच में कुछ उपयोगी हो और लोग जवाब देने लगें, तब साप्ताहिक कर सकते हैं।

अपने प्रोजेक्ट पर आज़माएँ

जो चाहते हैं अपने शब्दों में बताइए और अपनी साइट या सिस्टम को बनते देखिए — फिर बातचीत से बदल दीजिए।

मुफ़्त शुरू करें

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