सामग्री पर जाएँ
सभी गाइड
मार्केटिंग और विज़िबिलिटी5 मिनट पढ़ें

अपने छोटे बिज़नेस के लिए सरल कंटेंट कैलेंडर कैसे बनाएं?

एक महीने का कंटेंट प्लान करने का व्यावहारिक तरीका: विषय, दिवाली और फेस्टिव सीज़न की तारीखें, और ऐसा शेड्यूल जो आप निभा सकें।

ज़्यादातर छोटे बिज़नेस शुरू में जोश से पोस्ट करते हैं और दो हफ़्ते बाद चुप हो जाते हैं। वजह समय की कमी नहीं, पहले से योजना न होना है।

कंटेंट कैलेंडर एक सरल तालिका है जिसमें लिखा होता है कि कब, कहाँ और क्या प्रकाशित होगा। इसे बनाने में एक घंटा लगता है और पूरे महीने की उलझन बच जाती है।

हफ़्ते में तीन पोस्ट और महीने में एक लेख से शुरू करें। त्योहारों और सेल की तारीख़ें पहले लिख लें और बाक़ी दिन उपयोगी कंटेंट से भरें।

पहले तारीख़ें लिखें

साल की अहम तारीख़ें कैलेंडर में डालें: दिवाली, होली, रक्षाबंधन, ईद, क्रिसमस, शादियों का सीज़न, स्कूल खुलने का समय और आपकी अपनी सेल। इनकी तैयारी कम से कम दो हफ़्ते पहले शुरू करें।

तीन तरह का कंटेंट रखें

हर पोस्ट बेचने वाली न हो। एक सरल अनुपात मदद करता है:

  • उपयोगी कंटेंट: सुझाव, तरीके, अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब।
  • भरोसा बनाने वाला कंटेंट: ग्राहकों की समीक्षाएँ, पर्दे के पीछे की झलक, ऑर्डर पैक होते दिखाना।
  • बिक्री वाला कंटेंट: नई चीज़, ऑफ़र, ऑर्डर करने का तरीका।

कैलेंडर को साइट से जोड़ें

सोशल पोस्ट का हर विचार साइट पर किसी पेज तक ले जाना चाहिए, वरना ध्यान बर्बाद हो जाता है। हर हफ़्ते की एक पोस्ट को साइट के ब्लॉग लेख या प्रोडक्ट पेज से जोड़ें।

Uttra में लिखें: ब्लॉग सेक्शन बनाओ और पहला लेख जोड़ो जिसका शीर्षक हो दिवाली के तोहफ़े कैसे चुनें। फिर उसी लेख से तीन छोटी पोस्ट निकालें।

एक बार बनाएँ, कई जगह इस्तेमाल करें

एक लेख से एक इंस्टाग्राम पोस्ट, एक फ़ेसबुक पोस्ट, एक व्हाट्सऐप स्टेटस और एक ईमेल बन सकती है। इस तरह रोज़ नया कंटेंट नहीं सोचना पड़ता।

महीने के अंत में देखें कि किस पोस्ट पर सबसे ज़्यादा जवाब और ऑर्डर आए, और अगले महीने वैसा ही कंटेंट ज़्यादा रखें।

कैलेंडर में कुछ जगह ख़ाली छोड़ें ताकि अचानक की ख़बर या ग्राहक के सवाल पर तुरंत पोस्ट की जा सके।

आम सवाल

एक सादी स्प्रेडशीट काफ़ी है। कॉलम रखें: तारीख़, प्लेटफ़ॉर्म, विषय, स्थिति। टूल बाद में बदल सकते हैं, आदत पहले बनाएँ।

नहीं। हफ़्ते में तीन अच्छी पोस्ट, रोज़ की जल्दबाज़ी में बनी पोस्ट से बेहतर हैं। जो संख्या आप निभा सकें वही रखें।

शुरू में शाम के समय आज़माएँ, फिर अपने पेज के आंकड़े देखकर समय तय करें। हर बिज़नेस के ग्राहक अलग होते हैं।

अपने प्रोजेक्ट पर आज़माएँ

जो चाहते हैं अपने शब्दों में बताइए और अपनी साइट या सिस्टम को बनते देखिए — फिर बातचीत से बदल दीजिए।

मुफ़्त शुरू करें

संबंधित गाइड