AI की शब्दावली इतनी तेज़ी से बढ़ रही है कि उसे सीखना मुश्किल है, और ख़बरों व सेल्स पेज पर कई शब्द ढीले ढंग से इस्तेमाल होते हैं। AI से कुछ बनाने के लिए तकनीकी पढ़ाई ज़रूरी नहीं, लेकिन मुट्ठी भर शब्द समझ लें तो दावों को परखना और बेहतर रिक्वेस्ट लिखना आसान हो जाता है।
नीचे वे शब्द हैं जो आपको सबसे ज़्यादा मिलेंगे, बिना भारी-भरकम भाषा के, और साथ में यह भी कि साइट या ऐप बनाते समय वे कैसे सामने आते हैं।
AI का मतलब है ऐसा सॉफ़्टवेयर जो वे काम करे जिनमें आम तौर पर इंसानी समझ लगती है। LLM वह AI है जो टेक्स्ट पढ़ता और लिखता है, प्रॉम्प्ट वह है जो आप उससे कहते हैं, टोकन टेक्स्ट का वह छोटा टुकड़ा है जिसे वह गिनता है, और हैलुसिनेशन वह आत्मविश्वास भरा जवाब है जो असल में ग़लत होता है।
AI, मशीन लर्निंग और LLM
आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) सबसे बड़ा छाता शब्द है। मशीन लर्निंग (ML) उसे बनाने का एक तरीक़ा है: नियम हाथ से लिखने के बजाय सिस्टम को ढेर सारे उदाहरणों पर ट्रेन किया जाता है, ताकि वह पैटर्न ख़ुद पहचान ले।
लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) एक मशीन लर्निंग सिस्टम है जिसे बहुत सारे टेक्स्ट पर ट्रेन किया गया है। वह अनुमान लगाता है कि आगे कौन-सा टेक्स्ट आना चाहिए, इसीलिए वह सवालों के जवाब दे सकता है, सार बना सकता है, अनुवाद कर सकता है और कोड लिख सकता है।
- AI: पूरा क्षेत्र, स्पैम फ़िल्टर से लेकर असिस्टेंट तक।
- ML: उदाहरणों से पैटर्न सीखना।
- LLM: भाषा और कोड पर केंद्रित मॉडल।
प्रॉम्प्ट, टोकन और कॉन्टेक्स्ट
प्रॉम्प्ट सीधा-सा आपका निर्देश है, यानी वह टेक्स्ट जो आप मॉडल को देते हैं। साफ़ प्रॉम्प्ट से आम तौर पर बेहतर नतीजा मिलता है, क्योंकि मॉडल को कम अंदाज़ा लगाना पड़ता है।
टोकन टेक्स्ट का छोटा टुकड़ा होता है, अक्सर एक शब्द या शब्द का हिस्सा, और मॉडल टोकन में ही पढ़ते-लिखते हैं। कॉन्टेक्स्ट वह मात्रा है जितना टेक्स्ट मॉडल एक साथ नज़र में रख सकता है, जिसमें आपके निर्देश और उसके पिछले जवाब भी शामिल हैं। बहुत लंबी बातचीत में शुरुआती बातें छूट सकती हैं या धुँधली पड़ सकती हैं।
हैलुसिनेशन: भरोसे के साथ ग़लत जवाब
हैलुसिनेशन ऐसा जवाब है जो सुनने में सधा हुआ और पक्का लगता है, पर असल में गढ़ा हुआ या ग़लत होता है, जैसे कोई मनगढ़ंत हवाला या ग़लत आँकड़ा। ऐसा इसलिए होता है कि मॉडल संभावित टेक्स्ट बनाता है, तथ्यों के किसी डेटाबेस से मिलान नहीं करता।
अपनी असली जानकारी देकर और यह कहकर कि जवाब न पता हो तो साफ़ बताए, इसे कम किया जा सकता है, पर कोई यह गारंटी नहीं दे सकता कि यह कभी नहीं होगा। पैसे, सेहत या क़ानून से जुड़ी हर बात की जाँच किसी इंसान से करवाएँ।
बनाते समय ये शब्द कहाँ दिखते हैं
जब आप Uttra को अपनी साइट के बारे में बताते हैं, तब आप प्रॉम्प्ट लिख रहे होते हैं, और बातचीत की लंबाई ही कॉन्टेक्स्ट है। अगर नतीजे में कोई गढ़ी हुई बात आ जाए, जैसे कोई क़ीमत या खुलने का समय जो आपने दिया ही नहीं था, तो वह इसी असर का छोटा रूप है। इसलिए पब्लिश करने से पहले कंटेंट को अपनी असली जानकारी से मिला लें।
- असली नाम, क़ीमतें और समय ख़ुद दें, खाली जगहें मॉडल पर न छोड़ें।
- एक संदेश में दस बदलाव ठूँसने के बजाय एक रिक्वेस्ट को एक ही बात पर रखें।
- लंबी बातचीत भटकने लगे तो छोटी और साफ़ ब्रीफ़ के साथ नए सिरे से शुरू करें।