आपकी साइट की फ़ाइलें और डेटा किसी कंप्यूटर पर रहते हैं जो इंटरनेट से जुड़ा होता है। उसी जगह को होस्टिंग कहते हैं। जब वह कंप्यूटर चालू और पहुँच में रहता है तो साइट खुलती है, वरना ग्राहक को एरर दिखता है।
अपटाइम इसी का माप है, यानी साइट कितने समय चालू रही। ग्राहक भुगतान या बुकिंग के बीच में हों तो थोड़ा-सा डाउनटाइम भी पैसे और भरोसे का नुकसान कर सकता है।
होस्टिंग वह जगह है जहाँ आपकी साइट चौबीसों घंटे चलती है और अपटाइम बताता है कि वह कितना समय ऑनलाइन रहती है। पब्लिश करने से पहले हर बदलाव प्रीव्यू में जाँचें, और कोड व डेटा का बैकअप अलग रखें।
डाउनटाइम की आम वजहें
साइट बंद होने के पीछे अक्सर ये कारण होते हैं।
- गलत अपडेट जो साइट को तोड़ दे।
- डोमेन की रिन्यूअल भूल जाना।
- अचानक बहुत ज़्यादा विज़िटर आना।
- बाहरी सेवा का बंद होना जिस पर आपकी साइट निर्भर है।
- डेटाबेस या स्टोरेज का भर जाना।
Uttra के साथ पब्लिश करना
Uttra में आप साइट का विवरण देते हैं, लाइव प्रीव्यू में जाँचते हैं और फिर Uttra के सबडोमेन पर या अपने डोमेन पर पब्लिश करते हैं। हर बदलाव पब्लिश करने से पहले प्रीव्यू में ज़रूर देखें, क्योंकि गलत अपडेट डाउनटाइम की सबसे आम वजह है और उसे आप रोक सकते हैं।
अपटाइम पर नज़र रखें
हफ़्ते में एक बार अपनी साइट खुद फ़ोन से खोलें और मुख्य पेज, फ़ॉर्म और पेमेंट का फ़्लो आज़माएं। कोई मुफ़्त अपटाइम मॉनिटरिंग सेवा लगाने पर साइट बंद होते ही आपको ईमेल मिल सकता है। डोमेन की रिन्यूअल तारीख अपने कैलेंडर में डाल लें।
योजना बी रखें
अपना कोड Uttra के GitHub सिंक से GitHub में रखें और समय-समय पर कोड डाउनलोड करें। डेटाबेस का बैकअप अलग से लें। कुछ गलत हो जाए तो आप अपनी फ़ाइलों के साथ किसी दूसरी होस्टिंग पर जा सकते हैं।
ग्राहकों से ईमानदारी
अगर कभी रखरखाव के लिए साइट बंद करनी पड़े तो पहले से सूचना दें और काम के घंटों में अपडेट न करें। बड़े बदलाव शांत समय पर पब्लिश करें, जैसे देर रात।