छोटे बिज़नेस के पास अक्सर फ़ुल-टाइम डिज़ाइनर का बजट नहीं होता, पर भरोसेमंद लोगो, पोस्ट और साइट चाहिए। AI की मदद से डिज़ाइन एक तेज़ शुरुआत देता है।
जोखिम यह है कि हर चीज़ अलग शैली में बने और ब्रांड बिखरा हुआ लगे। इसलिए यहाँ साफ़ पहचान तय करने और टूल से उसका पालन करवाने पर ज़ोर है।
AI डिज़ाइन टूल छोटे बिज़नेस को लोगो, रंग, फ़ॉन्ट और सोशल मीडिया ग्राफ़िक्स के तेज़ ड्राफ़्ट देते हैं। असली फ़ायदा तब है जब आप पहले अपना ब्रांड तय करें और पब्लिश से पहले हर नतीजा ख़ुद जाँचें।
डिज़ाइन से पहले ब्रांड का सार लिखें
कुछ भी माँगने से पहले छोटा सार लिखें और हर बार उसे इस्तेमाल करें। इसी से लोगो, साइट और पोस्ट एक ही स्रोत से बने लगते हैं।
- ग्राहक कौन हैं: परिवार, युवा प्रोफ़ेशनल या दूसरे बिज़नेस।
- एहसास: शांत और प्रीमियम, दोस्ताना और जीवंत, या व्यावहारिक और औपचारिक।
- दो मुख्य रंग और एक न्यूट्रल रंग, पढ़ने लायक़ कंट्रास्ट के साथ।
- हेडिंग के लिए एक फ़ॉन्ट और टेक्स्ट के लिए एक फ़ॉन्ट।
AI असल में कहाँ मदद करता है?
यह लोगो के आइडिया, रंगों के प्रयोग, पोस्ट के बैकग्राउंड और चित्र, और एक ही डिज़ाइन के कई वर्शन की तुलना में उपयोगी है। नतीजे को ऐसा ड्राफ़्ट मानें जिसे आप टीम या ग्राहकों को दिखाकर सुधारें, तैयार पहचान नहीं।
पब्लिश से पहले क्या जाँचें?
इमेज के भीतर लिखे टेक्स्ट को अक्षर-अक्षर जाँचें, क्योंकि टूल अक्सर ग़लती करते हैं; असली टेक्स्ट पेज पर लिखें। पक्का करें कि लोगो किसी मौजूदा निशान जैसा न दिखे और छोटे साइज़ तथा ब्लैक-एंड-व्हाइट में भी साफ़ रहे। टूल की कमर्शियल उपयोग की शर्तें पढ़ें और ट्रेडमार्क रजिस्टर कराने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
डिज़ाइन को साइट में ही तय करें
रंग और फ़ॉन्ट साइट में एक बार तय करें ताकि सारे पेज उनका पालन करें। एक रंग बदलने पर सारे पेज बदल जाएँ।
ज़रूरत सरल शब्दों में लिखें। Uttra के लिए उदाहरण:
"एक छोटी बेकरी के लिए शांत और गर्म एहसास वाली साइट डिज़ाइन करो। टेराकोटा और क्रीम रंग, गोल और दोस्ताना हेडिंग फ़ॉन्ट, हाथ से बनी सादी शैली की तीन बैकग्राउंड इमेज इस्तेमाल करो और हर पेज पर एक जैसे रंग और फ़ॉन्ट रखो।"